विज्ञानभारत को कोकिंग कोयला विस्तार में मीथेन उत्सर्जन पर ध्यान देना होगा
भारत 2030 तक इस्पात निर्माण के लिए कोकिंग कोयला उत्पादन दोगुना करने की योजना बना रहा है। कोयला खनन से मीथेन उत्सर्जित होता है, जो एक शक्तिशाली ग्रीनहाउस गैस है। इसे नियंत्रित करने के लिए प्रारंभिक निगरानी और नियंत्रण आवश्यक है ताकि दीर्घकालिक उच्च उत्सर्जन से बचा जा सके। कोकिंग कोयला खनन गैर-कोकिंग कोयले की तुलना में लगभग 50% अधिक मीथेन उत्सर्जित करता है। मीथेन खनन, प्रसंस्करण, भंडारण और परिवहन के दौरान निकलता है, इसलिए विस्तार योजनाओं में मीथेन प्रबंधन शामिल करना जरूरी है।
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