राजनीतिपुलिस की प्रिवेंटिव डिटेंशन पर कोर्ट और कानून की व्याख्या
संविधान का अनुच्छेद 22 गिरफ्तारी और हिरासत में सुरक्षा उपाय देता है। इसके तहत गिरफ्तार व्यक्ति को गिरफ्तारी का कारण बताया जाना चाहिए और उसे 24 घंटे के भीतर मजिस्ट्रेट के सामने पेश करना अनिवार्य है। कोर्ट और कानून के अनुसार पुलिस किसी भी मामले में मनमानी प्रिवेंटिव डिटेंशन नहीं कर सकती।
Jansatta·15 घंटे पहले




