मनोरंजननाना पाटेकर के 1990 के दशक के संवाद भारत की सामाजिक नाराजगी दर्शाते हैं
8 अक्टूबर 2024 को निधन होने वाले नाना पाटेकर को 1990 के दशक की फिल्मों क्रांतिवीर (1994) और यशवंत (1997) में उनके प्रभावशाली संवादों के लिए याद किया जाता है। उनकी तीव्र अभिनय शैली और पटकथा लेखक के के सिंह व हृदय लानी की लेखनी ने इन संवादों को भारतीय सांस्कृतिक स्मृति का हिस्सा बना दिया। क्रांतिवीर में उनका किरदार भ्रष्टाचार और सांप्रदायिक हिंसा से लड़ता है, जो सामाजिक मुद्दों को दर्शाता है।
Deccan Herald·



