वर्तमान भारत में सार्वजनिक बुद्धिजीवियों का महत्व
भारत में सार्वजनिक बुद्धिजीवी सामाजिक, राजनीतिक और आर्थिक मुद्दों पर तर्कसंगत प्रश्न उठाते हैं। बढ़ती तानाशाही प्रवृत्तियों, लोकतांत्रिक प्रथाओं के विनाश और असहमति के अपराधीकरण के बीच उनकी भूमिका और महत्वपूर्ण हो गई है, जो समकालीन भारत में लोकतंत्र की रक्षा और आलोचनात्मक बहस को प्रोत्साहित करने के लिए आवश्यक है।
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