विश्वफ़ोटो: Hindustan Timesपश्चिम बंगाल में 2027 से बंगाली पाठ्यपुस्तकों में 'पानी' की जगह 'जोल' होगा
पश्चिम बंगाल सरकार 2027 से सरकारी स्कूलों के बंगाली पाठ्यपुस्तकों में संशोधन करेगी। कल्याणी विश्वविद्यालय के प्रोफेसर देबाशीष चटर्जी की अध्यक्षता वाली समिति ने 'पानी' और 'अब्बा' जैसे शब्दों की जगह रोज़मर्रा के बंगाली शब्द 'जोल' और 'बाबा' का उपयोग करने का निर्णय लिया है। इसमें डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी का जीवन जोड़ा जाएगा और मुगल शासन व मार्क्सवादी दर्शन पर सामग्री कम की जाएगी। नई किताबें जनवरी 2027 तक आ जाएंगी।
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