राजनीतिफ़ोटो: Amar Ujalaसुप्रीम कोर्ट ने पुलिस हिरासत में 24 घंटे की समयसीमा तय की
सुप्रीम कोर्ट ने फैसला दिया कि किसी व्यक्ति को मजिस्ट्रेट के सामने 24 घंटे के भीतर पेश करने की समयसीमा उसकी वास्तविक स्वतंत्रता पर रोक लगने से शुरू होगी, न कि औपचारिक गिरफ्तारी के समय से। पुलिस पहले हिरासत में रखकर बाद में गिरफ्तारी दिखाकर समयसीमा बढ़ा नहीं सकती। यदि 24 घंटे में पेश नहीं किया गया, तो व्यक्ति को तुरंत रिहा करना होगा।
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