राजनीतिफ़ोटो: Hindustan Timesसुप्रीम कोर्ट ने कहा सरकार मंदिर की संपत्ति नहीं ले सकती
सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाया कि मंदिर की संपत्ति देवता के लिए होती है और इसे सरकार द्वारा किसी भी सार्वजनिक उद्देश्य के लिए अधिग्रहित नहीं किया जा सकता। न्यायालय ने कहा कि धार्मिक या चैरिटेबल संस्थानों की संपत्ति के फैसले ट्रस्ट के सर्वोत्तम हितों के अनुसार होने चाहिए, न कि सरकारी सुविधा के लिए। राज्य केवल संरक्षक है, मालिक नहीं।
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