सुप्रीम कोर्ट: नीति का अर्थ वही होता है जो लिखा हो, कल्पना नहीं
सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि नीति का अर्थ उसके शब्दों से तय होता है, न कि नीति निर्माता की कल्पना या मंशा से। यह निर्णय अधिकारियों की व्यक्तिगत व्याख्याओं के बजाय नीतियों के शब्दों का सख्ती से पालन करने पर जोर देता है।
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