मनोरंजनफ़ोटो: Amar Entertainmentराजकुमार निकम की भूमिका पर कसाब मुकदमे का कोर्टरूम ड्रामा समीक्षा
फिल्म की शुरुआत राजकुमार निकम के निजी जीवन से होती है, जब उनकी बेटी की शादी चल रही होती है और मुंबई पर आतंकी हमला हो जाता है। निकम को कसाब के मुकदमे की जिम्मेदारी मिलती है। कहानी अदालत, गवाहों और सबूतों के माध्यम से आगे बढ़ती है। फिल्म में पत्नी की बीमारी और बेटे अनिकेत के साथ तनाव भी दिखाया गया है। विषय अच्छा है, लेकिन बार-बार काम-परिवार संघर्ष पर लौटने से कहानी धीमी पड़ती है। कोर्टरूम ड्रामा में कसाब की उम्र, मेडिकल जांच और गवाहों की विश्वसनीयता जैसे मुद्दे उठाए गए हैं, लेकिन रोमांच की कमी है।
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