राजतरंगिणी, महाभारत, अर्थशास्त्र को यूनेस्को मेमोरी ऑफ द वर्ल्ड में शामिल किया गया
भारत की तीन प्रमुख साहित्यिक कृतियाँ—कल्हण की राजतरंगिणी, महाभारत और कौटिल्य का अर्थशास्त्र—यूनेस्को के मेमोरी ऑफ द वर्ल्ड क्षेत्रीय रजिस्टर में शामिल की गई हैं। यह मान्यता भारत की ऐतिहासिक और शासन संबंधी बौद्धिक परंपराओं को दर्शाती है। यह 2024 की पिछली मान्यताओं के बाद आई है और भारत की पांडुलिपि विरासत के संरक्षण व डिजिटलीकरण को बढ़ावा देती है।
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