स्वास्थ्यफ़ोटो: HT Healthमनोवैज्ञानिक ने बताया क्यों लोग भेजे संदेश बार-बार पढ़ते हैं और कैसे रोकें
अपोलो अस्पताल, नवी मुंबई की वरिष्ठ सलाहकार मनोवैज्ञानिक डॉ. रितुपर्णा घोष ने बताया कि लोग भेजे गए संदेशों को बार-बार क्यों पढ़ते हैं और उनके टोन को लेकर अधिक सोचते हैं। यह व्यवहार उस चिंता से होता है जब संदेश कैसे समझा जाएगा, इस पर नियंत्रण नहीं होता। समझदारी से इस मनोविज्ञान को जानकर आवेग नियंत्रण और चिंता कम की जा सकती है।
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