स्वास्थ्यफ़ोटो: HT Healthन्यूरोलॉजिस्ट ने बताया कि युवा वयस्कों में स्ट्रोक का खतरा बढ़ रहा है
स्ट्रोक अब केवल बुजुर्गों की बीमारी नहीं है, बल्कि 30-40 वर्ष के युवा वयस्कों में भी यह बढ़ता जा रहा है। लगभग 13.8% स्ट्रोक मरीज 45 वर्ष से कम उम्र के हैं। शारीरिक निष्क्रियता, धूम्रपान, खराब आहार, मोटापा और नींद की कमी जैसे कारण स्ट्रोक का जोखिम बढ़ाते हैं। CK Birla Hospitals के डॉ. दीप दास के अनुसार, जनसंख्या वृद्धि, उम्र बढ़ना और बेहतर पहचान से स्ट्रोक के मामले बढ़े हैं। जल्दी लक्षण पहचानना जरूरी है।
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