एक मां ने 50 लाख वार्षिक वेतन की नौकरी छोड़ी, उत्तर भारत में शतरंज...
निधि भसीन रोहिल्ला ने अपनी बेटी शिविका के शतरंज सपनों का समर्थन करने के लिए 50 लाख वार्षिक वेतन वाली कॉर्पोरेट नौकरी छोड़ी। दिल्ली के शतरंज माहौल में कमी देख उन्होंने एक अकादमी बनाई, टूर्नामेंट आयोजित किए और सभी उम्र व स्तर के खिलाड़ियों के लिए समुदाय बनाए। अब उनके प्रयास आठ राज्यों में फैले हैं, जो पहुँच, समावेशन और प्रतिस्पर्धा से परे शतरंज संस्कृति को बढ़ावा देते हैं।
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