केरल की नई भूमि नीति से दलित और आदिवासी अधिकार खतरे में
केरल की भूमि सुधार 2.0 नीति दलित और आदिवासी समुदायों के भूमि अधिकारों को लेकर चिंताएं बढ़ा रही है। यह नीति प्लांटेशन भूमि और पर्यटन विस्तार को प्रभावित करती है, जिससे इन समुदायों के लंबे समय से चले आ रहे अधिकारों और सुरक्षा को खतरा हो सकता है। केरल में विकास और आदिवासी तथा हाशिए पर रहने वाले समूहों के अधिकारों के बीच संतुलन पर बहस छिड़ गई है।
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