राजनीतिफ़ोटो: Deccan Heraldकर्नाटक उच्च न्यायालय ने नारे लगाने पर FIR रद्द की, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की...
कर्नाटक उच्च न्यायालय ने 2019 में मंगलूरु में नारे लगाने के आरोप में दर्ज FIR को रद्द कर दिया। न्यायमूर्ति एच पी संदेश ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले की आलोचना और न्याय के लिए आवाज उठाना शत्रुता या आपराधिक साजिश नहीं है। इस फैसले ने असहमति को अपराध न मानने का संविधानिक सिद्धांत दोहराया। यह मामला राजनीतिक बदलावों के बावजूद असहमति को कानून-व्यवस्था का मुद्दा मानने की प्रवृत्ति को दर्शाता है।
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