राजनीतिफ़ोटो: Hindustan Timesन्यायमूर्ति बीवी नागरथना ने नाबालिग न्याय कानून के कार्यान्वयन में खामियां बताईं
सुप्रीम कोर्ट की न्यायमूर्ति बीवी नागरथना ने कहा कि कानून के तहत बच्चों को वयस्क मानने का मुद्दा भारत के आपराधिक न्याय प्रणाली में संवेदनशील है। उन्होंने कहा कि कानून कागज पर स्पष्ट है, लेकिन कार्यान्वयन में चुनौतियां हैं। यह बात उन्होंने 2015 के नाबालिग न्याय अधिनियम के दस वर्ष पूरे होने पर आयोजित राष्ट्रीय परामर्श में दिल्ली में कही। यह कार्यक्रम सुप्रीम कोर्ट की नाबालिग न्याय समिति और UNICEF द्वारा आयोजित है।
Hindustan Times··New Delhi


