आईटीएटी ने 3.30 करोड़ रुपये मूल्यांकन विवाद में राहत दी
दिल्ली में एक दंपति ने संयुक्त रूप से अपनी संपत्ति बेची। आयकर विभाग ने आरोप लगाया कि खरीदारों ने पंजीकृत विक्रय विलेख में दर्ज 1.60 करोड़ रुपये के अलावा नकद में अतिरिक्त राशि दी। कर अधिकारी ने लेनदेन को 3.30 करोड़ रुपये आंका, लेकिन आयकर अपीलीय न्यायाधिकरण (आईटीएटी) ने इस उच्च मूल्यांकन के खिलाफ विक्रेताओं को राहत दी।
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