भारत ने मानवाधिकारों के राजनीतिकरण से बचने का यूएन से आग्रह किया
संयुक्त राष्ट्र महासभा में भारत ने मानवाधिकारों के समान और वास्तविक साझेदारी की मांग की। फर्स्ट सेक्रेटरी भविका मंगलानंदन ने अंतरराष्ट्रीय सहयोग की आवश्यकता पर जोर दिया और मानवाधिकारों के राजनीतिकरण का विरोध किया। उन्होंने आर्थिक और सामाजिक अधिकारों सहित सभी अधिकारों पर संतुलित ध्यान और जेनेवा व न्यूयॉर्क के बीच बेहतर समन्वय व वित्तपोषण की अपील की।
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