2025 में भारत सौर और पवन ऊर्जा में दूसरा सबसे बड़ा बाजार
2025 में भारत सौर और पवन ऊर्जा क्षमता में चीन के बाद विश्व का दूसरा सबसे बड़ा बाजार था और बढ़ती बिजली मांग व उपकरण की कीमतों में गिरावट के कारण यह स्थिति बनी रहेगी। भारतीय कंपनियों ने 2026 की शुरुआत में 0.3 मिलियन मीट्रिक टन स्वच्छ हाइड्रोजन की आपूर्ति के लिए अनुबंध किए। भारत ने 2025 में ऊर्जा संक्रमण निवेश में 72 अरब डॉलर आकर्षित किए, जो वैश्विक रूप से पांचवें स्थान पर है। पवन और सौर क्षेत्रों को 2030 तक 123-163 अरब डॉलर की पूंजी निवेश की आवश्यकता है।
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