आयात प्रतिस्थापन से गुणवत्ता वाले स्थानीय उत्पादों की ओर भारत का बदलाव
भारत में स्थानीय उत्पादों को विदेशी सामान के बराबर स्वीकार न करने की पुरानी प्रवृत्ति आयात प्रतिस्थापन नीति से उत्पन्न हुई, जो समाजवादी युग और पंचवर्षीय योजनाओं के दौरान लागू थी। यह नीति आर्थिक आत्मनिर्भरता और घरेलू उद्योग संरक्षण के लिए थी, लेकिन तकनीक और गुणवत्ता पर ध्यान न देने के कारण उत्पाद कमजोर बने। 21वीं सदी में इस सोच में बदलाव आया है।
Economic Times·

