भारत की जनरेशन Z: एक महत्वपूर्ण लेकिन अनिश्चित चुनावी ताकत
भारत की जनरेशन Z की आबादी बड़ी है, लेकिन इसका चुनावी प्रभाव मतदाता पात्रता, पंजीकरण, मतदान और स्थानीय प्राथमिकताओं पर निर्भर करेगा। विशेषज्ञ बताते हैं कि युवा एकजुट मतदाता समूह के रूप में वोट नहीं देंगे। 2026 तमिलनाडु चुनाव युवा mobilisation की चुनौतियां दिखाता है, जिससे 2029 के चुनाव में प्रभाव का अनुमान लगाना मुश्किल है।
Economic Times·