राजनीतिफ़ोटो: Deccan Heraldबढ़ते वैश्विक संघर्षों के बीच भूगोल की पुनः महत्ता
निकोलेस स्पाइकमैन ने 1942 में कहा था कि भूगोल विदेश नीति का सबसे महत्वपूर्ण कारक है। 1945 के बाद वैश्वीकरण ने सीमाओं के महत्व को कम किया था, लेकिन हाल की वैश्विक प्रतिस्पर्धाओं ने भूगोल की महत्ता को फिर से बढ़ा दिया है। रूस-यूक्रेन युद्ध और चीन के साउथ चाइना सी दावे क्षेत्रीय और समुद्री विवादों को दर्शाते हैं। तकनीकी बदलाव साइबरस्पेस जैसे नए रणनीतिक भूगोल भी बना रहे हैं।
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