स्वास्थ्यफ़ोटो: Deccan Heraldट्रांसजेंडर पर्सन्स एक्ट 2026 के तहत डॉक्टर जारी रख सकते हैं जेंडर-अफर्मिंग देखभाल
ट्रांसजेंडर पर्सन्स (अधिकार संरक्षण) अधिनियम 2026 ने ट्रांसजेंडर की कानूनी परिभाषा सीमित की है, लेकिन डॉक्टरों को जेंडर-अफर्मिंग देखभाल प्रदान करने से नहीं रोका गया है। एंडोक्राइन सोसाइटी ऑफ इंडिया ने स्पष्ट किया कि चिकित्सा पेशेवर मनोचिकित्सा, हार्मोन थेरेपी और सर्जरी जैसे उपचार जारी रख सकते हैं, बशर्ते ये स्वैच्छिक, आवश्यक और नैतिक हों। इसका उद्देश्य देखभाल बनाए रखना और कानूनी जोखिम कम करना है।
Deccan Herald·



