राजनीतिफ़ोटो: Amar Ujalaबॉम्बे हाईकोर्ट ने अरुण फरेरा की 2011 गिरफ्तारी अवैध घोषित की, 2 लाख मुआवजा...
बॉम्बे हाईकोर्ट ने अरुण फरेरा की सितंबर 2011 की गिरफ्तारी को अवैध बताया और महाराष्ट्र सरकार को उन्हें 2 लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया। नागपुर पीठ ने पुलिस की कार्यप्रणाली की आलोचना की, कहा कि फरेरा 2007 से जेल में थे लेकिन उन्हें फरार घोषित किया गया। 2011 में रिहाई के बाद तुरंत पुनः गिरफ्तार किया गया, जो अनुच्छेद 21 और 22 का उल्लंघन है। फरेरा 2018 के भीमा कोरेगांव मामले में भी आरोपी हैं और जमानत पर हैं।
Amar Ujala··Nagpur



