स्वास्थ्यफ़ोटो: Firstpost Healthविश्व मस्तिष्क स्ट्रोक दिवस पर विशेषज्ञ ने बताया वायु प्रदूषण से स्ट्रोक का खतरा
विश्व मस्तिष्क स्ट्रोक दिवस पर विशेषज्ञों ने बताया कि वायु प्रदूषण के लंबे समय तक संपर्क में रहने से मस्तिष्क स्ट्रोक और संज्ञानात्मक समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है। वाहन और उद्योगों से निकलने वाले पीएम2.5, नाइट्रोजन डाइऑक्साइड जैसे प्रदूषक सांस के माध्यम से शरीर में प्रवेश कर सूजन और ऑक्सीडेटिव तनाव पैदा करते हैं। फोर्टिस अस्पताल के डॉ. विनीत बंगा के अनुसार ये प्रदूषक फेफड़ों के साथ-साथ रक्त वाहिकाओं और हृदय प्रणाली को भी प्रभावित करते हैं, जिससे स्ट्रोक का खतरा बढ़ता है।
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