विश्वपीएमओ ने केंद्रीय विश्वविद्यालयों में अंबेडकरवादी पाठ्यक्रमों पर सवाल उठाए
एक अनाम X पोस्ट में बीआर अंबेडकर की 'अनीहिलेशन ऑफ कास्ट' और ज्योतिराव फुले की 'गुलामगिरी' सहित प्रमुख अंबेडकरवादी और जातिवाद-विरोधी ग्रंथों को 'जहर' बताया गया। इसके बाद प्रधानमंत्री कार्यालय ने सभी केंद्रीय विश्वविद्यालयों से तत्काल जवाब मांगा। यह पोस्ट दिल्ली विश्वविद्यालय, जेएनयू और अंबेडकर विश्वविद्यालय दिल्ली में पढ़ाए जाने वाले ग्रंथों को निशाना बनाती है। शिक्षाविद् इस असामान्य पीएमओ हस्तक्षेप को शैक्षणिक स्वतंत्रता के लिए खतरा मानते हैं।
The News Minute·2 घंटे पहले


