विश्वपितृपक्ष 2026 में कुतुप मुहूर्त और ब्राह्मण भोज का महत्व
पितृपक्ष 2026 में श्राद्ध कर्म के दौरान ब्राह्मण भोज दोपहर में कराया जाता है क्योंकि 'कुतुप मुहूर्त' का विशेष महत्व होता है। माना जाता है कि इस समय किए गए कर्म सीधे पितरों तक पहुंचते हैं। दोपहर का समय पितरों की आत्मा की शांति और श्रद्धा व्यक्त करने के लिए सबसे उपयुक्त माना गया है। इस दौरान दान और भोजन से पितर तृप्त होकर आशीर्वाद देते हैं।
News18 Hindi·3 घंटे पहले