नाना पाटेकर का अंतिम भाषण: जीवन और उद्देश्य पर विचार
नाना पाटेकर ने 4 अक्टूबर को अपनी मृत्यु से ठीक पहले गोवा में एक सार्वजनिक कार्यक्रम में जीवन की नश्वरता और उद्देश्य की महत्ता पर विचार व्यक्त किए। उन्होंने अपने मित्र मनोहर पर्रिकर को याद किया और उनके मिशन के प्रति समर्पण की प्रशंसा की। इस कार्यक्रम में उन्होंने स्थानीय कलाकारों के साथ पारंपरिक वाद्ययंत्र भी बजाए।
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