दरभंगा की कल्पना पढ़ाई और कचरी दुकान संभालती हैं
दरभंगा के एक गांव के मेले में छोटी कल्पना कुमारी अपनी मां और दादी की कचरी-झिल्ली की दुकान पर मदद करती हैं। उनके हाथों का जादू ऐसा है कि लोग उनके बनाए कचरी और आलू बम के दीवाने हो रहे हैं। पढ़ाई के साथ वह अपने दिव्यांग पिता के परिवार की मदद भी करती हैं।
News18 Hindi·51 मिनट पहले·Darbhanga



