उपराष्ट्रपति ने कहा कि तकनीक डॉक्टरों के मानवीय स्पर्श की जगह नहीं ले सकती
उपराष्ट्रपति ने कहा कि तकनीक डॉक्टरों के मानवीय स्पर्श की जगह नहीं ले सकती। उन्होंने स्वास्थ्य सेवा में मानवीय संपर्क के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि तकनीक चिकित्सा में सहायक है, लेकिन डॉक्टरों द्वारा प्रदान की जाने वाली सहानुभूति और देखभाल की जगह नहीं ले सकती।
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